Customised Ads
आईसीपीसी एशिया रीजनल कानपुर साइट 2025 का सीएसजेएमयू में भव्य शुभारंभ, भारत के श्रेष्ठ प्रोग्रामिंग प्रतिभाओं का संगम

कानपुर नगर। सोमवार 22दिसम्बर 2025 (सूत्र/संवाददाता) सूर्य दक्षिरायण, पौष मास शुक्ल पक्ष की तृतीया हेमंत ऋतु २०८२ कालयुक्त नाम संवत्सर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) सोमवार की शाम को विश्व की सबसे प्रतिष्ठित प्रोग्रामिंग प्रतियोगिताओं में से आईसीपीसी एशिया रीजनल कानपुर साइट 2025 का लगातार आठवीं बार भव्य शुभारंभ लेक्चर हाल-1 में हुआ। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का ओलंपियाड कहे जाने वाले इंटरनेशनल कॉलेजिएट प्रोग्रामिंग कॉन्टेस्ट (ICPC) में दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली युवा मस्तिष्क उच्च स्तरीय एल्गोरिदमिक समस्या समाधान में प्रतिस्पर्धा करते हैं।

इसमें देशभर की 106 टीमों के 350 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। इन प्रतिभागियों में IIT, NIT और IIIT जैसे देश के प्रमुख संस्थानों के छात्र- छात्राएं शामिल हुये हैं।

कार्यक्रम में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने अपने *वीडियो संदेश* में कहा कि आईसीपीसी केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां युवा तकनीकीविद अपनी क्षमताओं को पहचानते हैं, अपनी बौद्धिक शक्ति को निखारते हैं और वैश्विक चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करते हैं। लगातार सातवीं बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी करना सीएसजेएमयू की शैक्षणिक दृढ़ता और तकनीकी क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा कि आईसीपीसी न केवल प्रोग्रामिंग कौशल विकसित करता है, बल्कि टीमवर्क, धैर्य और दबाव में समस्या समाधान जैसी क्षमताएं भी विकसित करता है, जो भविष्य के नवप्रवर्तकों के लिए अनिवार्य हैं।उद्घाटन सत्र में विवि के प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कहा कि यह मंच केवल जीतने के बारे में नहीं है, बल्कि सीखने, विकसित होने और ऐसी प्रेरणा प्राप्त करने के बारे में है जो करियर और जीवन को आकार देती है। यहां प्राप्त अनुभव हर प्रतिभागी के लिए अमूल्य रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान का स्थान नहीं ले सकती। छात्र यहां सीखने, सोचने, नेतृत्व करने और वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने आए हैं।

अभूतपूर्व स्तर पर सहभागिता

इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर से टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें शामिल हैं, 25 आईआईटी (आईआईटी कानपुर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी पटना), 20 एनआईटी (एनआईटी त्रिची, एनआईटी जमशेदपुर और एनआईटी कुरुक्षेत्र )शामिल हैं और 15 आईआईआईटी विशेष रूप से (आईआईआईटी हैदराबाद, आईआईआईटी बैंगलोर और आईआईआईटी इलाहाबाद) प्रत्येक टीम में तीन छात्र और एक कोच शामिल हैं। वे पांच घंटे की गहन कोडिंग प्रतियोगिता में 8 से 10 जटिल एल्गोरिदमिक समस्याओं को हल करेंगे। सटीकता, गति और शुद्धता ही विजेताओं का निर्धारण करेगी।

समावेशिता की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत, पांच विशेष स्लॉट केवल ऑल-फीमेल टीमों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जो प्रतिस्पर्धात्मक प्रोग्रामिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आईसीपीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के मुख्य आयोजक डॉ. संदेश गुप्ता, डीन एकेडमिक प्रो.बृष्टि मित्र, प्रो. सुधांशु पांडिया, प्रो. संदीप सिंह, यूआईईटी के निदेशक डॉ. आलोक कुमार, तथा आयोजन समिति के एसोसिएट डायरेक्टर्स डॉ. प्रवीण भाई पटेल एवं डॉ. दीपक कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे। संचालन अंशू सिंह ने किया।

टिप्पणियाँ